गर्भधारणा कैसे होती है

By | September 3, 2018

गर्भधारणा कैसे होती है

पीरियड्स और गर्भधारणा के बीच बहुत गहरा संबंध है। यदी आप गर्भवती होने का प्रयास कर रही है तो इस संबंध को समज लेना जरुरी है। गर्भधारणा की प्रक्रिया पीरियड्स के चक्र ( periods ka chakr ) पर आधारित है। पीरियड्स का कालावधी ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है। इसकी जाणकारी होने से गर्भधारणा ( garbhadharna ) के लिये उचित दिन चुनने में आपको मदद होगी। जो महिलाए पहली बार गर्भवती होती है या गर्भधारणा की कोशीश करती है, उनके मन में कई तरह के सवाल उठते है, इन सभी सवालों का आज हम जवाब यंहा देंगे। अभी हम आपको गर्भधारणा कैसे होती है के बारे में बताने वाले है। 

गर्भधारणा कैसे होती है

गर्भधारणा कैसे होती है

गर्भ धारण करने की एक विशेष प्रक्रिया होती है। इसके लिये एक महिला और उसके पुरुष साथी में संबंध होने की जरूरत है। अपने साथी के साथ लैंगिक संबंध बनाने से वो महिला गर्भवती हो सकती है।

सामान्य तौर पे महिला का पीरियड्स का चक्र 28 दिनों का होता है। जब पीरियड्स शुरू होते है वह पहला दिन माना जाता है। 14 वें दिन के आसपास महिला का अंडाशय एक अंडे को उत्सर्जीत करता है। अंडा उत्सर्जित होने से पहले महिला का शरीर हार्मोन्स के साथ-साथ अंडे को निषेचित करने के लिये गर्भाशय ( garbhashay ) को तैयार करता है। इस दौरान यदी आप चाहती है तो प्रेग्नेंट होने के अधिक चान्सेस है। महिला के अंडे के साथ पुरुष के शुक्राणू का मिलना जरुरी है। पुरुष शुक्राणू लगभग तीन दिनों तक महिला के शरीर में जीवित रहता है और महिला का अंडा 12 से 24 घंटे जीवित रहता है। अंडोत्सर्ग तब होता है जब महिला का अंडाशय निषेचन के लिये अंडे का उत्सर्जन करता है। यदी गर्भाशय में शुक्राणू उपलब्ध है, तो गर्भ धारण हो सकता है।

यह हुई गर्भवती होने की प्रकिया ( garbhavati hone ki prakriya )। यदी इस समय कोई फलनीकरण (fertilization) ना हो, तब लगभग 14 दिनों के बाद गर्भशय का अस्तर हट जाता है और वह उत्सर्जित किया हुआ अंडा महिला के योनी से रक्तश्राव के रूप में बाहर आता है। जिसे हम पीरियड्स कहते है।

अंडोत्सर्ग का कालावधी हर महिला का भिन्न होता है, जो उनके पीरियड्स के चक्र पर आधारित होता है। कुछ महिलाओ का चक्र 35 दिनों का होता है, तो अंडोत्सर्ग 21 दिन के आसपास होता है। और फिर उस हिसाब से आगे का चक्र चलता है।

प्रेग्नन्सी का पता आपके पीरियड्स मिस (miss) होने के बाद चलता है। प्रेग्नन्सी किट के मदद से आप घर पर ही प्रेग्नन्सी टेस्ट कर सकते हो। यह टेस्ट आप पीरियड्स का निकल जाने के बाद पहले या दुसरे दिन करना चाहीए। यदी होम प्रेग्नन्सी टेस्ट पर भरोसा ना हो, तो इसमें आप डॉक्टर की मदद भी ले सकते है।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...